चीन को लेकर सरकार के भरोसे पर विपक्ष
भले ही कई प्रकार के सवाल उठाए। लेकिन वहाँ की हकीकत जानकार आपको सुकून मिलेगा...
पूर्वी
लद्दाख की पैंगॉन्ग लेक से चीनी आर्मी पीछे हटने लगी है। भारतीय सेना ने डिसएंगेजमेंट की फोटो और वीडियो जारी किया है...
इतना ही नहीं…
चीनी सेना ने इन इलाकों से अपने
बनाए बंकर भी तोड़ डाले हैं। साथ ही टेंट, तोप और गाड़ियां भी हटा ली हैं... और भारतीय सैनिक भी डिसइंगेज हो रहे हैं।
भारतीय सेना भी पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग झील क्षेत्र के
किनारे भारत-चीन
के बीच पिछले 10 महीने से तनाव था। 15 जून को गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष भी
हो गया था। यही नहीं, अगस्त-सितंबर
में 45 साल बाद
भारत-चीन सीमा पर गोलियां भी चलीं। हालांकि, सितंबर से ही भारत ने चीन के साथ
डिप्लोमैटिक और मिलिट्री लेवल की बातचीत जारी रखी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11
फरवरी को
संसद में डिसएंगेजमेंट समझौते की जानकारी दी थी...
अगर देखा जाए तो भारत ने चीन को
उसी की भाषा में जवाब दिया है कि सीमा पर किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी
भारत कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। शायद चीन भी अब भली-भांति
जान चुका है कि 1962 वाला नहीं, ये है 2020-21 का
भारत है जो जीतना जानता है।